China defense budget: कोरोना काल में भी चीन के रक्षा बजट में भारी-भरकम बढ़ोत्‍तरी, अमेरिका-भारत से तनाव पर नजर – coronavirus era china defense budget has increased drastically eye on tension with the us and india

चीन ने अपने रक्षा बजट (China Defence Budget 2020) में भारी बढ़ोत्‍तरी की है। कोरोना वायरस संकट को देखते हुए जब पूरी दुन‍िया में रक्षा पर खर्च घटाया जा रहा है, चीन ने रक्षा बजट (China Defence spending) में 6.6 प्रतिशत के बढ़ोत्‍तरी की घोषणा की है। चीन ने यह ऐलान ऐसे समय पर क‍िया जब अमेरिका और भारत के साथ उसका सैन्‍य तनाव (US China tensions) चल रहा है।

Edited By Shailesh Shukla | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:

चीन के रक्षा बजट में भारी-भरकम बढ़ोत्‍तरीचीन के रक्षा बजट में भारी-भरकम बढ़ोत्‍तरी
हाइलाइट्स

  • चीन ने वर्ष 2020 के लिए रक्षा बजट में 6.6 प्रतिशत की बढ़ोत्‍तरी का ऐलान किया है
  • चीन की सरकार ने कहा क‍ि कोरोना वायरस से अर्थव्‍यवस्‍था संकट के दौर से गुजर रही है
  • चीन ने रक्षा बजट में यह बढ़ोत्‍तरी ऐसे समय पर की है जब दुनिया खर्च घटाने में जुटी हुई है

पेइचिंग

अमेरिका और भारत के साथ चल रहे तनाव के बीच चीन ने वर्ष 2020 के लिए रक्षा बजट (China Defence Budget) में 6.6 प्रतिशत की बढ़ोत्‍तरी का ऐलान किया है। चीन की सरकार ने कहा क‍ि कोरोना वायरस संकट को देखते हुए अर्थव्‍यवस्‍था संकट के दौर से गुजर रही है और पिछले कुछ वर्षों में यह सबसे कम बढ़ोत्‍तरी है। चीन ने रक्षा बजट में यह बढ़ोत्‍तरी ऐसे समय पर की है जब दुनिया कोरोना संकट के कारण भीषण आर्थिक मंदी से जूझ रही है। यही नहीं विश्‍वभर में रक्षा पर खर्च कम किया जा रहा है।

अमेरिका के बाद चीन सबसे ज्‍यादा पैसा रक्षा पर खर्च कर रहा है। कोरोना महासंकट के बाद भी चीन इस वर्ष 180 अरब डॉलर रक्षा पर खर्च करेगा। नैशनल पीपल्‍स कांग्रेस के वार्षिक सत्र में इसका ऐलान किया गया। दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी पैदल सेना रखने वाले चीन ने एयर‍क्राफ्ट कैरियर, परमाणु ऊर्जा से चलने वाली सबमैरिन और स्‍टील्‍थ फाइटर जेट के लिए खजाना खोल द‍िया है। चीन इनमें से ज्‍यादातर का निर्माण खुद ही करता है।
‘चीन का वास्‍तविक रक्षा बजट बहुत ज्‍यादा’

चीन ने कहा है कि रक्षा बजट में बढ़ोत्‍तरी का ज्‍यादातर पैसा सैनिकों की स्थिति सुधारने में खर्च किया जाएगा लेकिन व‍िदेशी रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि चीन का वास्‍तविक रक्षा बजट बहुत ज्‍यादा है। उन्‍होंने कहा कि बजट में कई चीजों को शामिल नहीं किया जाता है। पिछले साल चीन ने 7.5 फीसदी की बढ़ोत्‍तरी की थी। पिछले साल चीन का रक्षा बजट 178 अरब डॉलर था।

स्‍वतंत्र विश्‍लेषकों का अनुमान है कि पिछले साल चीन का वास्‍तविक रक्षा बजट 220 अरब डॉलर था। उन्‍होंने बताया कि चीन इस साल के रक्षा बजट का पैसा अपनी नौसेना के प्रसार में करेगा। चीन अत्‍याधुनिक एयरक्राफ्ट और घातक हथियार खरीदने में अपना बजट खर्च करेगा ताकि दक्षिण चीन सागर में अपनी पकड़ को और ज्‍यादा मजबूत किया जा सके और पश्चिम प्रशांत महासागर तथा हिंद महासागर में अपनी पहुंच बढ़ाई जा सके।

क्या है हाइपरसोनिक मिसाइल

  • क्या है हाइपरसोनिक मिसाइल

    हाइपरसोनिक मिसाइल आवाज की रफ्तार (1235 किमी प्रतिघंटा) से कम से कम पांच गुना तेजी से उड़ान भर सकती है। ऐसी मिसाइलों की न्यूनतम रफ्तार 6174 किमी प्रतिघंटा होती है। ये मिसाइलें क्रूज और बैलिस्टिक मिसाइल दोनों के फीचर्स से लैस होती हैं। लॉन्चिंग के बाद यह मिसाइल पृथ्वी की कक्षा से बाहर चली जाती है। जिसके बाद यह टारगेट को अपना निशाना बनाती है। तेज रफ्तार की वजह से रडार भी इन्हें पकड़ नहीं पाते हैं।

  • आईएनएफ संधि रद्द होने के बाद बढ़ी मिसाइल बनाने की होड़

    अमेरिका द्वारा 30 साल पुरानी इंटरमीडिएट-रेंज न्यूक्लियर फोर्सेस (आईएनएफ) संधि से खुद को अलग कर लेने के बाद दुनियाभर में हाइपरसोनिक मिसाइलों को बनाने की होड़ मच गई है। संधि से अलग होने के एक सप्ताह बाद ही 20 अगस्त को अमेरिका ने 500 किलोमीटर से अधिक रेंज वाली एक क्रूज मिसाइल का परीक्षण कर रूस को नाराज कर दिया था। जिसके जवाब में उसने दिसंबर 2019 में ध्वनि से गति से 27 गुना ज्यादा तेज अवनगार्ड हाइपरसोनिक मिसाइल को अपनी सेना में शामिल किया था।

  • स्पेस फोर्स का झंडा भी लॉन्च

    राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ओवल ऑफिस में एक समारोह के दौरान अमेरिकी ऑर्म्ड फोर्सेस की छठी और सबसे नई विंग यूनाइटेड स्टेट्स स्पेस फोर्स में इस झंडे को आधिकारिक रूप से लॉन्च किया। इस कार्यक्रम में अमेरिकी डिफेंस मिनिस्ट्री के कई अधिकारी भी मौजूद थे। यह झंडा देखने में गहरे नीले रंग का है जिसमें तीन बड़े स्टार बने हुए हैं। इस झंडे में स्पेस फोर्स का लोगो भी बना हुआ है।

  • 2019 में हुआ था अमेरिकी स्पेस फोर्स का गठन

    बता दें कि अमेरिकी स्पेस फोर्स का गठन दिसंबर 2019 में अंतरिक्ष की चुनौतियों खासकर रूस और चीन से पैदा होने वाले खतरों को देखकर किया गया था। इस फोर्स में वर्तमान में 16 हजार कर्मचारी हैं। जनरल जॉन रेमंड को इसका पहला प्रमुख नियुक्त किया गया है।

‘सैन्‍य कार्रवाई करके ताइवान पर कर लेंगे कब्‍जा’

चीन ताइवान के खिलाफ विश्‍वसनीय धमकी बरकरार रखना चाह रहा है। चीन ने कहा है कि अगर ताइवान खुद से चीन में शामिल नहीं हुआ तो वह सैन्‍य कार्रवाई करके ताइवान पर कब्‍जा कर लेगा। संसद में दिए अपने भाषण में चीनी प्रधानमंत्री ली केकियांग ने कहा, ‘हम करेंगे….दृढ़तापूर्वक विरोध करेंगे और ताइवान की स्‍वतंत्रता के लिए की गई किसी भी कार्रवाई का हम डटकर विरोध करेंगे।’

चीन ने यह रक्षा बजट अपनी अर्थव्‍यवस्‍था में आई भारी गिरावट और बजट घाटे के बाद भी बढ़ाया है। चीन दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्‍यवस्‍था है लेकिन अब उसके सामने नई नौकरियों को पैदा करने का संकट मंडरा रहा है। माना जा रहा है कि अर्थव्‍यवस्‍था में संकट के बाद भी चीन के नेता सेना को मजबूती देना जारी रखना चाहते हैं। इसी वजह से रक्षा बजट में भारी बढ़ोत्‍तरी की गई है।

Web Title coronavirus era china defense budget has increased drastically eye on tension with the us and india(News in Hindi from Navbharat Times , TIL Network)

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