Yogi Adityanath Sarkar: Uttar Pradesh Government Paid Full Payment To Rajasthan Government For Buses


Edited By Shashi Mishra | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:

अशोक गहलोत और योगी आदित्यनाथअशोक गहलोत और योगी आदित्यनाथ
हाइलाइट्स

  • लॉकडाउन के बाद राजस्थान के कोटा में फंस गए थे कोटा में रह रहे यूपी के छात्र
  • वापस लाने के लिए यूपी सरकार ने अप्रैल के मध्य में भेजी थीं बसें
  • छात्रों की संख्या लास्ट में ज्यादा होने के कारण राजस्थान रोडवेज से ली गई थी मदद
  • राजस्थान की बसों के प्रयोग के बदले यूपी सरकार को दिया गया था 36.36 लाख का बिल
  • यूपी रोडवेज के एमडी ने कहा यूपी सरकार ने कर दिया पूरा भुगतान

लखनऊ

उत्तर प्रदेश में अब बस पॉलिटिक्स पार्ट टू शुरू हो गई है। यह घमासान राजस्थान सरकार की ओर से कोटा से छात्रों के लिए उपलब्ध कराई गई बसों को लेकर शुरू हुआ है। इधर यूपी सरकार ने राजस्थान सरकार की ओर से भेजे गए 36.36 लाख रुपये के बिल का पूरा भुगतान कर दिया है। इससे पहले 19.76 लाख रुपये का भुगतान यूपी की बसों में डलाए गए डीजल का किया गया था।

यूपी रोडवेज के एमडी राजशेकर ने बताया कि अप्रैल के मध्य में छात्रों को राजस्थान के कोटा से लाया गया था। इन छात्रों को लेने गए यूपी सरकार की कुछ बसें कम पड़ गई थीं। जिसके बाद राजस्थान रोडवेज से मदद मांगी गई थी। उन्होंने जो बसें मुहैया कराई थीं उनका बिल उन्होंने भेजा था, जिसका सरकार ने पूरा भुगतान कर दिया है।
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अनुमान से ज्यादा छात्र होने से मांगी गई थी मदद

राजशेखर ने बताया कि कोटा में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे कई छात्र वहां फंस गए थे। छात्रों और उनके परिवारों ने सरका से छात्रों को वापस लाने की गुहार लगाई थी। उन्होंने बताया कि जो डेटा एकत्र किया गया उसके आधार पर सरकार को सूचना थी कि कोटा से लगभग 8 से 10 हजार छात्र यूपी आएंगे।



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राजस्थान रोडवेज से ली गई थीं 94 बसें


एमडी ने बताया कि 8 से 10 हजार छात्रों के हिसाब से उत्तर प्रदेश रोडवेज की ओर से 560 बसें राजस्थान के कोटा भेजी गई थीं। वहां पर लगभग 2000 छात्रों की संख्या ज्यादा हो गई, जिसके बाद उन लोगों ने राजस्थान रोडवेज से मदद मांगी। वहां से 94 बसें ली गईं। इन बसों ने छात्रों को झांसी, मथुरा और आगरा लाकर छोड़ा।

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38000 रुपये प्रति बस के हिसाब से हुआ भुगतान

छात्रों को छोड़ने के लिए राजस्थान रोडवेज ने इन्हीं 94 बसों का बिल यूपी सरकार को भेजा था। राजशेखर ने बताया कि एक बस का लगभग 38 हजार के हिसाब से राजस्थान रोडवेज को भुगतान किया गया है।


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