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भारत-अमेरिका से तनाव, जिनपिंग ने फिर चीनी सेना को मजबूत बनाने का छेड़ा राग – xi jinping again says modernization of china national defense and pla armed forces on pla raising day

XI Jinping on PLA Raising Day: भारत और अमेरिका समेत दुनियाभर के देशों के साथ जारी तनाव के बीच चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने फिर एक बार चीनी सेना के आधुनिकीकरण का मुद्दा उठाया है। चीनी सेना पीएलए के 42 स्थापना दिवस के अवसर पर जिनपिंग ने कहा कि चीनी विशेषताओं के साथ समाजवाद बनाए रखने के लिए विकास और सुरक्षा दोनों महत्वपूर्ण हैं।

Edited By Priyesh Mishra | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:

शी जिनपिंगशी जिनपिंग
हाइलाइट्स

  • चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने फिर एक बार छेड़ा चीनी सेना के आधुनिकीकरण का मुद्दा
  • जिनपिंग का दावा, 2020 के आखिरी तक चीनी सेना विश्व स्तरीय फोर्स बन जाएगी
  • चीन के अगली पंचवर्षीय योजना में सेना के लिए बजट को बढ़ाने की तैयारी

पेइचिंग

भारत और अमेरिका समेत दुनियाभर के देशों के साथ जारी तनाव के बीच चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने फिर एक बार चीनी सेना के आधुनिकीकरण का मुद्दा उठाया है। चीनी सेना पीएलए के 42 स्थापना दिवस के अवसर पर जिनपिंग ने कहा कि चीनी विशेषताओं के साथ समाजवाद बनाए रखने के लिए विकास और सुरक्षा दोनों महत्वपूर्ण हैं।

देश के विकास के साथ सेना बने आधुनिक

जिनपिंग ने कहा कि राष्ट्रीय रक्षा और सशस्त्र बलों का आधुनिकीकरण देश के आधुनिकीकरण की प्रक्रिया के साथ ही होनी चाहिए। इसके साथ ही हमें अपनी सैन्य क्षमताओं को राष्ट्रीण रणनीतिक आवश्यक्ताओं के अनुसार विकसित करना होगा। उन्होंने चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि सीपीसी हमेशा से देश की रक्षा और सुरक्षाबलों को मजबूत बनाने के लिए प्रयासरत रही है।
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इस साल के अंत तक सेना को विश्व स्तरीय बनाने का दावा

चीनी राष्ट्रपति ने दावा किया कि इस साल यानी 2020 के अंत तक चीन राष्ट्रीय रक्षा और सशस्त्र बलों को मजबूत करने के लक्ष्यों को प्राप्त कर लेगा। इस प्रक्रिया के पूरा होते ही चीन की सेना दुनिया की सबसे आधुनिक फोर्स बन जाएगी। उन्होंने इस कार्य के लिए सीपीसी केंद्रीय समिति और केंद्रीय सैन्य आयोग द्वारा बनाई गई रणनीतिक योजनाओं और व्यवस्थाओं को लागू करने के प्रयासों का आह्वान किया।

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सैन्य बजट फिर बढ़ा सकता है चीन

जिनपिंग ने चीनी सेना के भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 14 वीं पंचवर्षीय (2021-2025) योजना का निर्माण देश की सैन्य ताकत को बढ़ाने के लिए किया जाएगा। इसमें वैज्ञानिक तरीकों से चीनी सेना को भविष्य के लिए तैयार किया जाएगा। इसके लिए उन्होंने जन जागरूकता को बढ़ने के लिए पार्टी की इकाईयों को सक्रिय करने की बात भी की है।

US के तीन न्यूक्लियर एयरक्राफ्ट कैरियर तैनात

  • US के तीन न्यूक्लियर एयरक्राफ्ट कैरियर तैनात

    अमेरिका ने पहले ही ताइवान के समीप अपने तीन न्यूक्लियर एयरक्राफ्ट कैरियर को तैनात कर दिया है। जिसमें से दो ताइवान और बाकी मित्र देशों के साथ युद्धाभ्यास कर रहे हैं, वहीं तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर जापान के पास गश्त लगा रहा है। अमेरिका ने जिन तीन एयरक्राफ्ट कैरियर को प्रशांत महासागर में तैनात किया है वे यूएसएस थियोडोर रूजवेल्ट, यूएसएस निमित्ज और यूएसएस रोनाल्ड रीगन हैं।

  • अमेरिका यूं ही नहीं भेज रहा सेना

    अमेरिका के पास दुनिया की सबसे आधुनिक सेना और हथियार हैं। दुनियाभर के देशों की सैन्य ताकत का आंकलन करने वाली ग्लोबल फायर पॉवर इंडेक्स के अनुसार 137 देशों की सूची में आर्मी, नेवी और एयरफोर्स के मामले में अमेरिका दुनिया के बाकी देशों से बहुत आगे है। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, अमेरिका के दुनिया में 800 सैन्य ठिकाने हैं। इनमें 100 से ज्यादा खाड़ी देशों में हैं। जहां 60 से 70 हजार जवान तैनात हैं।

  • एशिया में किन-किन देशों को चीन से खतरा

    एशिया में चीन की विस्तारवादी नीतियों से भारत को सबसे ज्यादा खतरा है। इसका प्रत्यक्ष उदाहरण लद्दाख में चीनी फौज के जमावड़े से मिल रहा है। इसके अलावा चीन और जापान में भी पूर्वी चीन सागर में स्थित द्वीपों को लेकर तनाव चरम पर है। हाल में ही जापान ने एक चीनी पनडुब्बी को अपने जलक्षेत्र से खदेड़ा था। चीन कई बार ताइवान पर भी खुलेआम सेना के प्रयोग की धमकी दे चुका है। इन दिनों चीनी फाइटर जेट्स ने भी कई बार ताइवान के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया है। वहीं चीन का फिलीपींस, मलेशिया, इंडोनेशिया के साथ भी विवाद है।

  • एशिया में 2 लाख से ज्यादा अमेरिकी सैनिक

    फेडरेशन ऑफ अमेरिकन साइंटिस्ट्स, इंटरनेशनल क्राइसिस ग्रुप के आंकड़ों के मुताबिक, पूरे एशिया में चीन के चारों ओर 2 लाख से ज्यादा अमेरिकी सेना के जवान हर वक्त मुस्तैद हैं और किसी भी अप्रत्याशित हालात से निपटने में भी सक्षम हैं। वहीं चीन की घेराबंदी में अमेरिका और अधिक संख्या में एशिया में अपनी सेना को तैनाक करने की तैयारी कर रहा है। इससे विवाद और गहराने के आसार हैं। जानिए एशिया मे कहां-कहां है अमेरिकी सैन्य ठिकाने-

  • डियेगो गार्सिया से हिंद महासागर पर नजर

    मालदीव के पास स्थित डियेगो गार्सिया में अमेरिकी नेवी और ब्रिटिश नेवी मौजूद है। यह द्वीप उपनिवेश काल से ही ब्रिटेन के कब्जे में है और हिंद महासागर में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इस लोकेशन से चीनी नौसेना की हर एक मूवमेंट पर नजर रखी जा सकती है।

  • जापान में अमेरिका की तीनों सेना मौजूद

    जापान में द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद से ही अमेरिकी सेना मौजूद है। एक अनुमान के मुताबिक यहां अमेरिकी नेवी, एयरफोर्स और आर्मी के कुल 10 बेस हैं जहां एक लाख से ज्यादा अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। अमेरिका और जापान में हुई संधि के अनुसार इस देश की रक्षा की जिम्मेदारी यूएस की है। यहां से साउथ चाइना सी पर भी अमेरिका आसानी से नजर रख सकता है।

  • गुआम से उत्तर कोरिया को कंट्रोल करता है US

    प्रशांत महासागर में स्थित इस छोटे से द्वीप पर अमेरिकी सेना की महत्वपूर्ण रणनीतिक मौजूदगी है। इस द्वीप से अमेरिकी सेना न केवल प्रशांत महासागर में चीन और उत्तर कोरिया की हरकतों पर नजर रख सकता है बल्कि उन्हें मुंहतोड़ जवाब देने और नेवल ब्लॉकेज लगाने में बड़ी भूमिका अदा कर सकता है। यहां 5000 अमेरिकी सैनिकों की तैनाती है।

  • साउथ कोरिया में तैनात है अमेरिकी फोर्स

    उत्तर कोरिया के कोप से बचाने के लिए दक्षिण कोरिया में अमेरिकी फौज तैनात है। जिसमें आर्मी, एयरफोर्स, मरीन कॉर्प और यूएस नेवी के जवान शामिल हैं। यहां से अमेरिका चीन की हरकतों पर भी निगाह रखता है। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यहां 28500 ट्रूप्स तैनात हैं।

  • फिलीपींस में भी US बेस, चीन पर नजर

    चीन के नजदीक फिलीपींस में भी अमेरिकी सेना का बेस मौजूद है। हाल मे ही फिलीपींस के राष्ट्रपति रोड्रिगो डुटर्टे ने अमेरिका के साथ दो दशक पुराने विजिटिंग फोर्सेज एग्रीमेंट (VFA)को आगे बढ़ाने का फैसला किया है। बता दें कि 2016 में सत्ता में आने के बाद से रोड्रिगो डुटर्टे का झुकाव चीन की तरफ ज्यादा था। जिस कारण अमेरिका से फिलीपीन्स की तल्खियां भी बढ़ी थी।

  • ताइवान में बेस तो नहीं, लेकिन US की उपस्थिति ज्यादा

    ताइवान में अमेरिकी सेना का कोई स्थायी बेस नहीं है, लेकिन यहां अमेरिकी सेना अक्सर ट्रेनिंग और गश्त को लेकर आती जाती रहती है। वर्तमान समय में भी अमेरिका के दो एयरक्राफ्ट कैरियर इस इलाके में तैनात हैं। अमेरिका शुरू से ही ताइवान की स्वतंत्रता का समर्थक रहा है। हाल के दिनों में चीन से बढ़ते टकराव के बाद से अमेरिका ने पूर्वी चीन सागर और ताइवान की खाड़ी में अपनी उपस्थिति दर्ज करवानी शुरू कर दी है।

  • अफगानिस्तान में अमेरिका के 14 हजार सैनिक

    अफगानिस्तान में अमेरिका के 14 हजार सैनिक मौजूद हैं। इसके अलावा यहां गठबंधन सेनाओं के आठ हजार सैनिक भी हैं जो तालिबान के खिलाफ अक्सर कार्रवाईयों को अंजाम देते रहते हैं। हालांकि अमेरिका ने हाल के दिनों में अफगानिस्तान में तैनाक अपने सैनिकों की जानकारी नहीं दी है। अमेरिकी सैनिक बड़े पैमाने पर अफगानिस्तान की सेना को ट्रेनिंग भी दे रहे हैं।

  • इन देशों में भी अमेरिकी सेना तैनात

    सिंगापुरएसेसन द्वीपकजाखिस्तान

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Web Title xi jinping again says modernization of china national defense and pla armed forces on pla raising day(Hindi News from Navbharat Times , TIL Network)

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