साउथ अफ्रीका से लौटते हुए टूट गई थी यशस्वी जायसवाल की ट्रोफी, अब किया दुरुस्त

भारत के यशस्वी जायसवाल को 400 रन बनाने के लिए ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ पुरस्कार से नवाजा गया था जिसमें सेमीफाइनल में चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ नाबाद शतक भी शामिल है।

Published By Tarun Vats | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:

यशस्वी जायसवालयशस्वी जायसवाल
हाइलाइट्स

  • यशस्वी ने वर्ल्ड कप की 6 पारियों में (59, 29*, 57*, 62, 105* और 88) कुल 400 रन बनाए
  • मुंबई के यशस्वी ने अंडर-19 वर्ल्ड कप में 5 बार 50 से अधिक रन बनाए, 3 विकेट भी झटके
  • यशस्वी के कोच ज्वाला सिंह ने बताया कि ट्रोफियों को संभालकर रखने में उन्हें ज्यादा रुचि नहीं है
  • भारत को अंडर-19 वर्ल्ड कप के फाइनल में बांग्लादेश से झेलनी पड़ी हार, खिताब से चूकी टीम

मुंबई

अंडर-19 वर्ल्ड कप में भारत को भले ही फाइनल में हार झेलनी पड़ी लेकिन उसके स्टार खिलाड़ी यशस्वी जायसवाल ने धमाल मचाया। उन्हें इसी के लिए ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज ट्रोफी’ दी गई लेकिन साउथ अफ्रीका से लौटते हुए यात्रा के दौरान इस ट्रोफी को नुकसान पहुंचा।
अब इस नुकसान को दुरुस्त कर दिया गया है और ट्रोफी को पहले जैसा बना दिया गया है। जायसवाल को 400 रन बनाने के लिए ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ पुरस्कार से नवाजा गया था जिसमें सेमीफाइनल में चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ नाबाद शतक भी शामिल है।

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जायसवाल से जुड़े करीबी सूत्र ने गुरुवार रात पीटीआई से कहा, ‘ट्रोफी को यात्रा के दौरान कुछ नुकसान पहुंचा था लेकिन अब हमने इसे दुरुस्त कर दिया है। यात्रा के दौरान ऐसी चीजें होती हैं।’

‘वर्ल्ड कप हारने का दुख, लेकिन दुनिया खत्म नहीं’

  • 'वर्ल्ड कप हारने का दुख, लेकिन दुनिया खत्म नहीं'

    अंडर 19 वर्ल्ड कप के बाद घर लौटे यशस्वी ने एक अंग्रेजी अखबार को दिए इंटरव्यू में यह बात कही। भारत को वर्ल्ड कप खिताब न दिला पाने का यशस्वी को अफसोस भी है। लेकिन खुद को प्रेरित रखने वाले इस लेफ्टहैंडर बल्लेबाज को यह भी अच्छे से मालूम है कि दुनिया यहीं खत्म नहीं होती। अभी आगे भी लंबा सफर है और उसके लिए खुद को हमेशा तैयार रखना है।

  • मैन ऑफ द वर्ल्ड कप की ट्रोफी भी टूटी

    इस वर्ल्ड कप टूर्नमेंट में सबसे ज्यादा 400 रन बनाने वाले यशस्वी जायसवाल को मैन ऑफ द वर्ल्ड कप भी चुना गया। रविवार को मिली इस ट्रोफी के मुंबई आते-आते दो टुकड़े भी हो गए लेकिन यशस्वी इस यादगार ट्रोफी टूटने से भी दुखी नहीं हैं।उनके कोच ज्वाला सिंह ने बताया कि वह रनों को लेकर हमेशा चिंतित रहते हैं ट्रोफियों को संभालकर रखने में उन्हें ज्यादा रुचि नहीं है। बता दें यशस्वी ने वर्ल्ड कप की 6 पारियों में (59, 29*, 57*, 62, 105* और 88) कुल 400 रनों का योगदान दिया। इस दौरान 5 बार उन्होंने 50 से अधिक रन बनाए। इसके अलावा उन्होंने 3 विकेट भी अपने नाम किए।

  • प्रेरित करता है यशस्वी का संघर्ष

    यशस्वी जायसवाल की कामयाब होती यह कहानी इसलिए भी सभी का ध्यान अपनी ओर खींचती हैं क्योंकि छोटी सी उम्र में ही वह एक कड़ा संघर्ष करके यहां तक पहुंचे हैं। क्रिकेट में सफल होने से पहले उनके सामाजिक-आर्थिक हालात बेहत चुनौतीपूर्ण थे। छोटी उम्र में ही वह अपना घर छोड़ मुंबई आ गए। यहां गुजर बसर के लिए उन्होंने गोलगप्पे बेचे। मैदानकर्मियों के साथ टेंट को अपना आशियाना बनाया। इसके बाद यूपी के भदोही से ताल्लुक रखने वाला यह बल्लेबाज इस साल अक्टूबर में तब चर्चा में आया, जब उसने विजय हजारे ट्रोफी वनडे टूर्नमेंट के एक मैच में झारखंड के खिलाफ 154 बॉल में 203 रन की तूफानी पारी खेली।

  • खुद से है मुकाबला

    यशस्वी मानते हैं मेरा संघर्ष दुनिया से नहीं हैं बल्कि खुद से है। वह कहते हैं, ‘मैं अब खुद को जानने लगा हूं। मैं खुद को साधारण रखता हूं। रोजाना सुबह 5 बजे उठता हूं और जैसा मेरे कोच ने मुझे सिखाया है कि खुद से बात करूं, मैं वही करता हूं। खुद को रोज समझता हूं और खुद को खुद से ही प्रेरित करता हूं।

  • कोल्ड ड्रिंक छोड़ना चाहते हैं यशस्वी

    किसी भी किशोर बच्चे की तरह यशस्वी की भी कोल्ड ड्रिंक के प्रति दीवानगी है। लेकिन अब वह यह समझने लगे हैं कि कोल्ड ड्रिंक पीने से उनकी फिटनेस और सेहत को नुकसान होगा क्योंकि इसमें शुगर जो होती है।

  • ​कामयाबी में राहुल द्रविड़ और आशिष कपूर का खास रोल

    यशस्वी की अभी तक की कामयाबी के पीछे राहुल द्रविड़, वसीम जाफर और आशीष कपूर का अहम योगदान है। आशीष कपूर ही वह शख्स थे, जिन्होंने जूनियर स्तर पर श्रीलंका में खेले जा रहे एक टूर्नमेंट में यशस्वी को ओपनिंग करने की जिम्मेदारी दी। यशस्वी कहते हैं कि अगर वह यह मौका नहीं देते तो शायद आज मैं यहां नहीं होता। उन्होंने बताया, ‘इससे पहले मैं नंबर 6 पर खेल रहा था और मैंने कोई खास रन बनाए थे। लेकिन ओपनिंग पर रन बने तो बात बनती चलती गई। इस तरह कपूर सर के फैसले ने मेरी जिंदगी बदल दी।’इसके बाद राहुल द्रविड़ ने उन्हें सिखाया कि वह परिस्थितियों और टीम की जरूरत के हिसाब से अपने खेल को बदल सकते हैं। द्रविड़ ने कहा कि यशस्वी तुम्हारे पास सभी शॉट हैं और अब तुम अपने खेल को अपनी टीम की जरूरत के हिसाब से ढालो।

अब अंडर-23 टूर्नमेंट पर फोकस

अंडर 19 वर्ल्ड कप में अपने बल्ले की धाक जमाने वाले यशस्वी जायसवाल को टीम इंडिया में एंट्री करने का अगला दावेदार माना जा रहा हो। हालांकि यह उन्हें भी अच्छे से मालूम है कि टीम इंडिया में एंट्री के लिए सिर्फ एक टूर्नमेंट में रन बनाना काफी नहीं है। उन्हें अपने बल्ले की धार हर बार दिखानी होगी। यशस्वी अब रणजी ट्रोफी और अंडर 23 टूर्नमेंट पर फोकस कर रहे हैं।

ट्रोफी संभाल कर रखने की आदत नहीं

यशस्वी के कोच ज्वाला सिंह ने बताया कि वह रनों को लेकर हमेशा चिंतित रहते हैं लेकिन ट्रोफियों को संभालकर रखने में उन्हें ज्यादा रुचि नहीं है। बता दें यशस्वी ने वर्ल्ड कप की 6 पारियों में (59, 29*, 57*, 62, 105* और 88) कुल 400 रनों का योगदान दिया। इस दौरान 5 बार उन्होंने 50 से अधिक रन बनाए। इसके अलावा उन्होंने 3 विकेट भी अपने नाम किए। (एजेंसी से इनपुट)

Web Title yashasvi jaiswal trophy broken when coming from u19 world cup south africa now rectified(News in Hindi from Navbharat Times , TIL Network)

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